मेला कंट्रोल रूम तोड़कर लगाया टीन शेड, लाखों के खर्च पर उठे सवाल
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दीपावली मेले से पहले नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल, पुराने कंट्रोल रूम को हटाने की टाइमिंग पर उठी उंगली
चित्रकूट- धर्मनगरी चित्रकूट में दीपावली मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एमपीटी चौराहे के पास नगर परिषद द्वारा मेला कंट्रोल रूम एवं खोया-पाया केंद्र बनाया जाता रहा है। लेकिन इस बार मेला कंट्रोल रूम को तोड़कर उसकी जगह आनन-फानन में टीन शेड लगाकर नया कंट्रोल रूम तैयार किए जाने को लेकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जब नगर परिषद के अधिकारियों को पहले से ही जानकारी थी कि दीपावली मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु चित्रकूट पहुंचेंगे, तो ऐसे में पुराने मेला कंट्रोल रूम को तोड़ने का निर्णय क्यों लिया गया? सवाल यह भी है कि मेले से पहले इस तरह की व्यवस्था करने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
स्थानीय स्तर पर इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि यदि पुराने कंट्रोल रूम को दीपावली मेले के बाद हटाया जाता, तो टीन शेड लगाने में खर्च होने वाली राशि का उपयोग नगर परिषद क्षेत्र के अन्य जरूरी विकास कार्यों में किया जा सकता था।
अब सवाल यह है कि नए टीन शेड को लगाने में कुल कितनी राशि खर्च की गई, निर्माण कार्य किस प्रक्रिया के तहत कराया गया और क्या इस खर्च की कोई पूर्व योजना बनाई गई थी? इन सवालों का जवाब नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों को देना चाहिए।
जनता के पैसों का हिसाब कौन देगा?
दीपावली मेला चित्रकूट के लिए महत्वपूर्ण आयोजन है। ऐसे में मेले की व्यवस्थाओं पर खर्च होने वाली सरकारी राशि का उचित उपयोग सुनिश्चित करना नगर परिषद की जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले में क्या स्पष्टीकरण देते हैं और टीन शेड निर्माण पर हुए खर्च का विवरण सार्वजनिक किया जाता है या नहीं।
जावेद मोहम्मद विशेष संवाददाता भारत विमर्श चित्रकूट मध्य प्रदेश।
