जेल की सलाखों के पार पहुंचा राखी का प्यार
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बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधा विश्वास
सतना – रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सतना, मैहर और नागौद की जेलों में भावुक कर देने वाला माहौल नजर आया। हर साल की तरह इस बार भी बहनें अपने भाइयों से मिलने जेल पहुंचीं और उनकी कलाई पर राखी बांधकर लंबी उम्र, अच्छे भविष्य और जल्द रिहाई की प्रार्थना की।
जेल परिसर में पहुंचीं बहनों के लिए यह मुलाकात सिर्फ राखी बांधने तक सीमित नहीं रही। भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते समय कई बहनों ने भगवान से प्रार्थना की कि उनके भाई अपने जीवन की पिछली गलतियों से सीख लें और भविष्य में दोबारा ऐसी गलती न करें।
रक्षाबंधन के मौके पर बहनों ने भाइयों को परिवार, रिश्तों और जिम्मेदारियों की अहमियत भी समझाई। भावुक माहौल में भाई-बहन के बीच लंबे समय बाद हुई मुलाकात ने रिश्तों की गर्माहट को महसूस कराया। बहनों ने कहा कि मुश्किल समय में भी भाई के प्रति उनका स्नेह और विश्वास कायम है।

इस दौरान जेल प्रशासन की ओर से भी पर्व को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं, ताकि बंदियों की बहनें उनसे मुलाकात कर सकें और रक्षाबंधन की परंपरा निभा सकें। राखी के इस पर्व ने जेल की चारदीवारी के भीतर भी परिवार और रिश्तों की भावनाओं को जगह दी।
बहनों की प्रार्थना में एक ही उम्मीद थी—भाई स्वस्थ रहें, अपने जीवन को नई दिशा दें और समय पूरा होने के बाद परिवार के बीच लौटकर फिर से सामान्य जीवन की शुरुआत करें।
अहेश लारिया ब्यूरोचीफ भारत विमर्श सतना मध्य प्रदेश।
